miércoles, 1 de enero de 2014

Kejriwal and his "No Security"

Krishna Murari says: दस गुना महंगी पड़ रही है केजरीवाल की सुरक्षा ऐसा कहा जाता है कि सरोजिनी नायडू ने कहा था कि महात्मा गांधी को 'गरीबी' में रखने का खर्च बहुत ज्यादा था। इसी तरह का मामला दिल्ली के नए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सुरक्षा न लेने से सामने आ रहा है। अरविंद केजरीवाल को आम आदमी बनाए रखने के लिए उन्हें पिछले मुख्यमंत्रियों से दस गुना ज्यादा पुलिसवालों की सुरक्षा देनी पड़ रही है। दिल्‍ली पुलिस अब तक मुख्‍यमंत्री की सुरक्षा के लिए जहां 10 पुलिसकर्मियों को तैनात करती रही है, वहीं नए मुख्‍यमंत्री के द्वारा नियमित प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने से उनकी सुरक्षा में 100 से ज्‍यादा पुलिसकर्मियों को तैनात करना पड़ रहा है। हाल ही में रिटायर्ड हुए एक आईपीएस अधिकारी महसूस करते हैं कि सुरक्षा लेने से इनकार करके केजरीवाल अव्यावहारिक रवैया अपना रहे हैं। इस वजह से उनकी सुरक्षा में ज्यादा जवान लगाने पड़ रहे हैं और इसके साथ ही यह खतरा भी बना रहता है कि उनके साथ बदसलूकी हो सकती है या हमला हो सकता है।

Pradeep Kumar Comments:

वैसे गौर करने वाली बात है आप दस गुना की बात कर रहे हैं. आपने कोई डाटा नहीं दिया.
10 गुना किस रकम का?

नॉर्मल कितना खरच आता है और अब कितना आ रहा है?
जो रिटाइर हुये आइ पी एस अधिकारी हैं उनका नाम तक आपने नहीं बताया और उनकी सूचना किस आधार पर खड़ी है?
कहीं बादलों में से अलग अलग आकृतियाँ बनाकर बच्चों का दिल बहलाने की चेष्टा नही की जा रही?

सुरक्षकर्मिओं की सुरक्षा भी एक चिंता का विषय है. अगर ऐसी बात है तो सुरक्षा विभाग पूरी रिपोर्ट दे कर केजरीवाल को सुरक्षा लेने के लिये मजबूर कर सकता है. हठधर्मी होना अच्छी बात नहीं होती. किसी भी अवांछित घटना से बचने के लिये, केजरीवाल को सुरक्षा कवच ले लेना चाहिये. किन्तु यह सिरफ इसलिये नहीं होना चाहिये के हम लोगों ने कुछ कॉमेंट लिख दिये या क्योंके हम अपने आप को ज़्यादा स्याने समझ रहे हैं

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