miércoles, 1 de enero de 2014

गधी का दूध बिक रहा 2000 रु प्रति लीटर

गधा कौम पिछले 5000 साल से इंसानों से दोस्ती निभा रहा है. पूरी दुनिया में 4 क्रोड गधे हैं. 

ईजिप्ट से शुरु हुये और सरदारों की भांती धीरे धीरे पूरी दुनिया में फैले. 

यह खच्चर के रूप में पहाड़ी इलाकों में भी बेहद कामयाब हैं. 

इनका खुद का भार 80 से 480 किलो तक और गरीब देशों में ज़िंदगी 15 साल तक और अमीर देशों में 50 साल तक है. 

इनकी हाइट 31 इंच से 63 इंच के बीच होती है. 

गर्भाशय समय 11 से 14 महीने. 

भारत में इसे मूरख समझते हैं जबके दुनिया के दूसरे हिस्सों में इसे बुद्धिमान, सतर्क, दोस्ताना, चंचल, और शीघ्र सीखने वाला जनवर माना जाता है.

गधों की 185 किस्में हैं. 

इटली और चीन में इसका मीट खाया जाता है और इसके दूध का सौंद्राय प्रसाधन वस्तुओं को बनाने के लिये प्रयोग होता है.

कुदरत की तरफ से इसे जमीन पर तगड़ी पकड का तोहफा मिला है. 

शाकाहारी होते हैं और ईसाई लोग इसे शान्ती का दूत मानते हैं. 

गधा ईजिप्ट के सूर्य देवता का प्रतीक है. हिन्दू देवी कालरात्रि का वाहन गधा है. 

पंचतंत्र में इसकी कहानियाँ भरी पड़ी हैं


विश्वास की बात है. सच भी हो सकता है. यहाँ कम से कम गाधी का दूध तो मिल रहा है, कयी तो 2000 के बदले सिरफ आशीर्वाद ही बांटते हैं. कतारें वहन भी लगती हैं, कतारें यहाँ भी हैं.


No hay comentarios:

Publicar un comentario